PM Kisan Yojana Beneficiary List: देश के करोड़ों किसानों के लिए राहत और उम्मीद की खबर आ चुकी है। प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना (PM Kisan Yojana) के तहत मिलने वाली 21वीं किस्त की राशि जल्द ही किसानों के खातों में पहुंचने वाली है। इस योजना के जरिए सरकार हर साल छोटे और सीमांत किसानों को ₹6000 की आर्थिक सहायता देती है, जिसे तीन किस्तों में बांटा जाता है। हर चार महीने में ₹2000 किसानों के खाते में सीधे DBT (Direct Benefit Transfer) के जरिए भेजे जाते हैं, ताकि उन्हें खेती-बाड़ी के खर्चों में मदद मिल सके।
क्यों शुरू हुई थी यह योजना?
भारत जैसे कृषि प्रधान देश में ज्यादातर किसान छोटे और सीमांत होते हैं। इन किसानों के पास अक्सर ज्यादा ज़मीन या संसाधन नहीं होते, लेकिन उन्हें खेती के लिए बीज, खाद, कीटनाशक और उपकरणों पर बड़ा खर्च करना पड़ता है। इन्हीं जरूरतों को देखते हुए केंद्र सरकार ने साल 2019 में प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना शुरू की थी।
इस योजना का मकसद था कि किसानों को एक न्यूनतम आर्थिक सहारा दिया जाए ताकि वे खेती-बाड़ी के लिए जरूरी सामान खरीद सकें और बिचौलियों पर निर्भर न रहें।
हाल ही में आई 20वीं किस्त
अभी कुछ ही समय पहले सरकार ने इस योजना की 20वीं किस्त जारी की थी। इस दौरान करीब 9.7 करोड़ किसानों के बैंक खातों में सीधे ₹2000 भेजे गए। हालांकि, सभी किसानों को यह किस्त नहीं मिल पाई। कई किसानों के खाते में पैसे नहीं आए क्योंकि उनका नाम लाभार्थी सूची (Beneficiary List) में शामिल नहीं था या उनकी ई-केवाईसी (e-KYC) पूरी नहीं थी।
किसे मिलेगा योजना का लाभ?
यह योजना हर किसान के लिए नहीं है। इसका फायदा केवल उन्हीं किसानों को मिलता है, जो सरकार द्वारा तय की गई पात्रता शर्तों को पूरा करते हैं। इनमें शामिल हैं:
- किसान छोटा या सीमांत होना चाहिए (यानी अधिकतम 2 हेक्टेयर जमीन वाला)।
- परिवार की सालाना आय ₹2.5 लाख से कम होनी चाहिए।
- परिवार का कोई भी सदस्य सरकारी नौकरी में न हो और न ही आयकरदाता हो।
- जमीन किसान के नाम पर हो और उसका बैंक खाता आधार से लिंक हो।
- किसान की E-KYC पूरी हो चुकी हो।
अगर ये शर्तें पूरी हैं तो किसान योजना का लाभ उठा सकता है।
लाभार्थी सूची में नाम क्यों ज़रूरी है?
PM Kisan Yojana का पैसा सिर्फ उन्हीं किसानों को मिलता है, जिनका नाम लाभार्थी सूची में होता है। अगर आपका नाम इस सूची में नहीं है, तो किस्त आपके खाते में नहीं आएगी।
लाभार्थी सूची लगातार अपडेट होती रहती है। अगर किसान के दस्तावेज पूरे और सही हैं, तो उसका नाम इस सूची में आ जाएगा। लेकिन अगर ई-केवाईसी अधूरी है, बैंक खाता आधार से लिंक नहीं है या दस्तावेज़ों में गलती है, तो नाम छूट सकता है।
कैसे करें नाम की जांच?
यह प्रक्रिया बेहद आसान है और आप इसे घर बैठे मोबाइल से कर सकते हैं।
- सबसे पहले आधिकारिक वेबसाइट pmkisan.gov.in पर जाएं।
- होमपेज पर “Farmers Corner” सेक्शन पर क्लिक करें।
- यहां आपको “Beneficiary List” का विकल्प मिलेगा, उस पर क्लिक करें।
- इसके बाद राज्य, जिला, तहसील, ब्लॉक और गांव का चयन करें।
- अब आपके गांव के सभी किसानों की सूची खुल जाएगी। इसमें आप अपना नाम, पिता का नाम और बैंक खाते की आखिरी चार अंक देखकर पुष्टि कर सकते हैं।
अगर आपका नाम सूची में है, तो किस्त जल्द ही आपके खाते में आ जाएगी।
अगर नाम सूची में नहीं है तो क्या करें?
अगर आपने आवेदन किया है लेकिन आपका नाम सूची में नहीं है, तो घबराने की जरूरत नहीं है। इसके कई कारण हो सकते हैं जैसे कि –
- आपकी E-KYC पूरी नहीं हुई।
- बैंक खाता आधार से लिंक नहीं है।
- दस्तावेज़ों में कोई गलती है।
- आपका आवेदन अभी सत्यापन में है।
ऐसी स्थिति में आपको नजदीकी CSC केंद्र या कृषि विभाग के कार्यालय जाकर समस्या का समाधान करना होगा।
शिकायत कैसे करें?
अगर आप लाभार्थी सूची में हैं और फिर भी पैसे आपके खाते में नहीं आए हैं, तो शिकायत दर्ज कर सकते हैं।
- PM Kisan Yojana की वेबसाइट पर जाकर Helpdesk/Grievance सेक्शन में जाएं।
- यहां अपनी समस्या का विवरण देकर शिकायत दर्ज करें।
- इसके अलावा आप 155261 या 1800115526 (टोल-फ्री नंबर) पर कॉल करके भी जानकारी ले सकते हैं।
योजना के फायदे
इस योजना ने लाखों किसानों की जिंदगी आसान बनाई है। हर चार महीने मिलने वाले ₹2000 की मदद से किसान बीज, खाद और अन्य जरूरी सामान आसानी से खरीद पाते हैं। सबसे बड़ी बात यह है कि पैसा सीधे बैंक खाते में आता है, जिससे भ्रष्टाचार और बिचौलियों की भूमिका खत्म हो जाती है।
निष्कर्ष
प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना छोटे और सीमांत किसानों के लिए एक बड़ा सहारा है। लेकिन इसका लाभ तभी मिलेगा, जब आपकी जानकारी सही-सही दर्ज हो और आपका नाम लाभार्थी सूची में शामिल हो।
अगर आपने आवेदन किया है और किस्त अभी तक नहीं आई है, तो सबसे पहले लाभार्थी सूची में अपना नाम चेक करें और जरूरत पड़ने पर ई-केवाईसी व अन्य दस्तावेज सही कराएं।
यह योजना किसानों को न सिर्फ आर्थिक मदद देती है बल्कि उन्हें आत्मनिर्भर और मजबूत बनाने की दिशा में भी अहम कदम है।
डिस्क्लेमर: यह लेख केवल सामान्य जानकारी के उद्देश्य से लिखा गया है। योजना से जुड़ी अंतिम और सटीक जानकारी के लिए हमेशा pmkisan.gov.in या नज़दीकी कृषि विभाग से संपर्क करें।