SBI Bank New Rule: भारतीय स्टेट बैंक (SBI) ने हाल ही में एक ऐसा नया नियम लागू किया है, जो सीधे-सीधे करोड़ों ग्राहकों को प्रभावित करने वाला है। अगर आपका भी खाता SBI में है और आप उसे सक्रिय रूप से इस्तेमाल नहीं कर रहे, तो यह खबर आपके लिए बेहद जरूरी है। बैंक ने यह कदम मुख्य रूप से उन्हीं खातों को ध्यान में रखकर उठाया है, जिनमें लंबे समय से कोई लेन-देन नहीं हो रहा या जो पूरी तरह से निष्क्रिय पड़े हुए हैं। इसका मकसद ग्राहकों की सुरक्षा बढ़ाना और बैंकिंग सिस्टम को और पारदर्शी बनाना है।
निष्क्रिय खातों पर अब होगी कड़ी कार्रवाई
SBI ने साफ कर दिया है कि जिन खातों में महीनों या सालों से कोई गतिविधि नहीं हुई है, उन खाताधारकों को तुरंत KYC प्रक्रिया पूरी करनी होगी। अगर निर्धारित समय सीमा के भीतर ग्राहक अपनी जानकारी अपडेट नहीं करते हैं, तो बैंक को यह अधिकार होगा कि वह ऐसे खातों को स्थायी रूप से बंद कर दे। मतलब, अगर आपने खाता तो खुलवा लिया लेकिन उसका इस्तेमाल करना भूल गए, तो अब संभल जाइए। बैंक का यह निर्णय वित्तीय प्रणाली को और सुरक्षित बनाने की दिशा में बड़ा कदम माना जा रहा है।
KYC अपडेट अब सबके लिए अनिवार्य
नए नियमों के अनुसार, चाहे आपका खाता नियमित रूप से चल रहा हो या लंबे समय से निष्क्रिय हो, दोनों ही स्थितियों में KYC दस्तावेज अपडेट करना अब अनिवार्य होगा। ग्राहकों को आधार कार्ड, पैन कार्ड, पते का प्रमाण और आय संबंधी प्रमाण जैसे दस्तावेजों की ताज़ा प्रतियां बैंक में जमा करनी होंगी। SBI का मानना है कि इससे न केवल ग्राहकों की पहचान की पुष्टि हो पाएगी, बल्कि धोखाधड़ी और मनी लॉन्ड्रिंग जैसी गंभीर समस्याओं पर भी काबू पाया जा सकेगा।
RBI के दिशानिर्देशों के तहत लिया गया फैसला
SBI का यह बड़ा फैसला दरअसल भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) के नए दिशानिर्देशों के तहत लिया गया है। रिजर्व बैंक समय-समय पर देश की बैंकिंग प्रणाली को मजबूत करने और ग्राहकों को सुरक्षित रखने के लिए ऐसे नियम लागू करता रहता है। इन्हीं निर्देशों के तहत सभी बैंकों, जिनमें SBI भी शामिल है, को अपने ग्राहकों की जानकारी को नियमित रूप से अपडेट करने के आदेश दिए गए हैं। यह प्रक्रिया न सिर्फ बैंकिंग सेवाओं की विश्वसनीयता बढ़ाएगी बल्कि राष्ट्रीय वित्तीय सुरक्षा के लिहाज से भी बेहद अहम है।
जमा राशि की सुरक्षा पर नई शर्त
इस नए नियम में एक और महत्वपूर्ण बात यह है कि किसी भी खाते में सिर्फ पांच लाख रुपये तक की राशि ही पूरी तरह सुरक्षित मानी जाएगी। अगर किसी खाताधारक के खाते में पांच लाख से ज्यादा रकम है, तो वह उसकी खुद की जिम्मेदारी होगी। बैंक का लाइसेंस रद्द हो जाने या किसी आपातकालीन स्थिति में SBI केवल पांच लाख रुपये तक की राशि लौटाने की गारंटी देगा। इससे ज्यादा की रकम पर बैंक या सरकार की कोई जिम्मेदारी नहीं होगी।
ग्राहकों के लिए जरूरी सुझाव
SBI ने अपने सभी ग्राहकों को सलाह दी है कि वे अपने खातों को हमेशा सक्रिय रखें और समय-समय पर KYC अपडेट करवाते रहें। अगर आपने लंबे समय से खाता इस्तेमाल नहीं किया है, तो तुरंत बैंक शाखा जाकर KYC प्रक्रिया पूरी कर लें। ऐसा करने से न सिर्फ आपका खाता सुरक्षित रहेगा, बल्कि भविष्य में किसी भी तरह की परेशानी से भी बचा जा सकेगा।
अस्वीकरण: यहां दी गई जानकारी सामान्य बैंकिंग नियमों पर आधारित है। यह कोई वित्तीय सलाह नहीं है। नियम और शर्तें समय-समय पर बदल सकती हैं। इसलिए सटीक जानकारी के लिए अपनी नजदीकी SBI शाखा से संपर्क जरूर करें।