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Supreme Court Dog News: सुप्रीम कोर्ट का बड़ा फैसला: अब आवारा कुत्तों के लिए 5 नए नियम

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Supreme Court Dog News

Supreme Court Dog News: भारत की सुप्रीम कोर्ट से हाल ही में आया एक ऐतिहासिक फैसला डॉग लवर्स के लिए किसी जीत से कम नहीं है। यह फैसला न केवल उन लोगों को राहत देगा जो सड़कों पर आवारा कुत्तों को खाना खिलाते और उनकी देखभाल करते हैं, बल्कि उन नागरिकों के लिए भी महत्वपूर्ण है जो इनसे असहज रहते हैं। कोर्ट ने साफ कर दिया है कि स्ट्रीट डॉग्स भी इस समाज का हिस्सा हैं और उनके अधिकारों की रक्षा करना हम सबकी जिम्मेदारी है। अब जानिए, इस फैसले के बाद क्या-क्या बदलेगा और क्यों यह आपके लिए जानना बेहद जरूरी है।

आवारा कुत्तों को मारना अब अपराध

पहला और सबसे बड़ा बदलाव यह है कि अब किसी भी आवारा कुत्ते को नुकसान पहुंचाना या मारना पूरी तरह गैरकानूनी है। पहले कई शहरों से ऐसी घटनाएं सामने आई थीं जहां कुत्तों को ज़हर देकर या पीटकर मार दिया जाता था। लेकिन अब अगर कोई व्यक्ति ऐसा करता है तो उसके खिलाफ पशु क्रूरता कानून (Prevention of Cruelty to Animals Act) के तहत सख्त कार्रवाई होगी। यह कदम भारत में पशु अधिकारों को और मजबूत करने की दिशा में एक बड़ा कदम माना जा रहा है।

तय होंगे फीडिंग ज़ोन

कोर्ट ने यह भी साफ किया है कि अब कुत्तों को खिलाने के लिए विशेष फीडिंग ज़ोन तय किए जाएंगे। मतलब, अब कोई भी व्यक्ति कहीं भी जाकर कुत्तों को खाना नहीं खिला सकेगा। RWA (Residents Welfare Association) और नगर निकाय मिलकर यह जगह तय करेंगे जहां डॉग लवर्स सुरक्षित तरीके से स्ट्रीट डॉग्स को भोजन करा सकेंगे। इससे न तो स्थानीय निवासियों को दिक्कत होगी और न ही डॉग लवर्स पर कोई रोक-टोक लगेगी।

डॉग लवर्स को नहीं रोका जा सकेगा

अक्सर मोहल्लों और सोसायटी में झगड़े हो जाते हैं कि कौन कुत्तों को क्यों खिला रहा है। सुप्रीम कोर्ट ने साफ कर दिया है कि किसी डॉग लवर को कुत्तों की देखभाल से रोका नहीं जा सकता। हां, यह सब उन्हीं जगहों पर होगा जिन्हें अधिकृत रूप से तय किया गया है। इससे दोनों पक्षों के बीच संतुलन बनेगा – डॉग लवर्स को आज़ादी भी मिलेगी और दूसरों की सुरक्षा भी बनी रहेगी।

नसबंदी और टीकाकरण ज़रूरी

सुप्रीम कोर्ट ने निर्देश दिया है कि नगर निगम और पशु कल्याण संस्थाएं मिलकर आवारा कुत्तों का स्टरलाइजेशन और वैक्सीनेशन कराएं। इससे उनकी संख्या पर नियंत्रण होगा और आक्रामक या बीमार कुत्तों से होने वाले खतरों को रोका जा सकेगा। अब लोग भी सुरक्षित रहेंगे और कुत्ते भी स्वस्थ और संरक्षित रहेंगे।

अगर हमला हुआ तो कौन जिम्मेदार?

एक बड़ा सवाल हमेशा यह रहा कि अगर कोई स्ट्रीट डॉग किसी को काट ले तो जिम्मेदार कौन होगा? सुप्रीम कोर्ट ने इस पर भी साफ राय दी है। अगर हमला किसी अधिकृत फीडिंग ज़ोन के पास होता है और नियमों का पालन किया गया है तो जिम्मेदारी स्थानीय निकाय की होगी। लेकिन अगर कोई तय नियम तोड़कर कहीं भी कुत्तों को खिला रहा है और वहां से समस्या पैदा होती है, तो उस व्यक्ति पर कार्रवाई की जा सकती है।

आम आदमी को क्या समझना चाहिए

दरअसल, इस पूरे फैसले का मकसद समाज में शांति बनाए रखना है। आम नागरिकों को समझना होगा कि स्ट्रीट डॉग्स को मारना या चोट पहुँचाना अब अपराध है। वहीं, डॉग लवर्स को भी यह ध्यान रखना होगा कि उनकी आज़ादी किसी और की सुरक्षा से बड़ी नहीं हो सकती। अगर सब नियमों के तहत चलें, तो विवाद, झगड़े और कानूनी परेशानियां काफी हद तक कम हो जाएंगी।

अस्वीकरण

यह लेख सुप्रीम कोर्ट के हालिया आदेशों और मीडिया रिपोर्ट्स पर आधारित है। इसका उद्देश्य केवल जानकारी देना है। इसे कानूनी सलाह न मानें। किसी भी विवाद या मामले में आधिकारिक आदेशों और संबंधित निकायों की वेबसाइट पर जानकारी अवश्य देखें।

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